बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत का सख्त रुख, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश तेज, परिजनों ने कहा— अब न्याय मिलने की जगी उम्मीद।
मोहन प्रताप सिंह
छत्तीसगढ़ लाइव न्यूज़, सूरजपुर/प्रतापपुर:– भाजपा नेता हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में बुधवार को न्यायिक प्रक्रिया ने बड़ा मोड़ ले लिया। बहुचर्चित हत्या और अपहरण कांड में सेशन कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 आरोपियों का बॉन्ड निरस्त कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत के इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोगों में कानून के प्रति भरोसा मजबूत होने की बात सामने आ रही है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 आरोपियों के विरुद्ध हत्या, अपहरण सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इनमें से 10 आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं, जबकि चार आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही इस वारदात से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले गिरफ्तार 10 आरोपियों को निचली अदालत से बॉन्ड पर राहत मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी।
मृतक हरिनंदन राजवाड़े के परिजनों ने लगातार निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी। क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
करीब एक सप्ताह से पूरे क्षेत्र की सुर्खियों में बने इस हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए 10 आरोपियों का बॉन्ड निरस्त कर उन्हें जेल में रखने का आदेश दिया। इस फैसले को मामले में अब तक की सबसे बड़ी न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी दोषी को कानून से बचने का अवसर न मिले।
सेशन कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मामले में शामिल सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा मिलेगी। वहीं क्षेत्र के लोगों का भी मानना है कि इस फैसले से कानून के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है तथा निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हुआ है।
जेल भेजे गए आरोपी:– भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सकल प्रसाद राजवाड़े, आशुतोष राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, रज्य गुप्ता, शिवम कुमार राजवाड़े, मनोज कुमार राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, ललित कुमार राजवाड़े एवं राजू राजवाड़े (सभी निवासी ग्राम केवरा, थाना प्रतापपुर, जिला सूरजपुर)।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अपराध क्रमांक 211/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 296, 351(2), 115(2), 109(1), 140(1), 331(6), 190, 191(2), 191(3) एवं 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध है। मामले की जांच जारी है तथा फरार आरोपियों सहित अन्य संदिग्धों की तलाश और पूछताछ लगातार की जा रही है।



