*सूरजपुर में पर्यटन विकास की नई पहल, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों पर मंथन*
*रैम्प योजना के तहत एक दिवसीय सेमिनार आयोजित, सूरजपुर टूरिज्म लोगो का हुआ अनावरण*
सोनू कुमार चौधरी /छत्तीसगढ़ लाइव न्यूज़

सूरजपुर/:–* जिले में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल पर रैम्प योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र पर एक दिवसीय विशेष सेमिनार का आयोजन हीरा लाल साधु राम सेवा कुंज, सूरजपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
कार्यक्रम में कलेक्टर रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, वनमंडलाधिकारी विपुल अग्रवाल, चैम्बर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री के रौनक जैन, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष कलवंत गोयल, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाति संत सिंह, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े युवा, उद्यमी, संबंधित विभागों के अधिकारी, क्रियेटर्स एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
*पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर*
सेमिनार का उद्देश्य सूरजपुर जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं एवं समुदाय को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में जिले की प्राकृतिक सुंदरता, वन क्षेत्र, जलाशयों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तथा स्थानीय विरासत को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
सूरजपुर टूरिज्म को मिलेगी नई पहचान
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा सूरजपुर टूरिज्म लोगो का अनावरण किया गया। यह लोगो जिले की प्राकृतिक संपदा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की विविध संभावनाओं को विशिष्ट पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जिले के पर्यटन स्थलों को ब्रांड पहचान देने तथा उनकी विशेषताओं को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सुविधाओं का विस्तार होगा तो स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा – रामसेवक पैकरा
छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने कहा कि सूरजपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की सफलता के लिए पर्यटकों को जानकारी के साथ बेहतर आवागमन, ठहरने, खान-पान एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए सूरजपुर की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व एवं स्थानीय संस्कृति को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जाना चाहिए। स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, परिवहन और गाइड सेवा को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने केनापारा की तर्ज पर भटगांव क्षेत्र को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा पर्यटन सर्किट तैयार करने की आवश्यकता बताई।
पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की जरूरत – कलेक्टर
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को भ्रमण के साथ ठहरने, खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की जरूरत होती है। सूरजपुर में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन इन्हें व्यवस्थित पर्यटन ढांचे के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जिले में माइनिंग टूरिज्म सहित प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। केनापारा में पूर्व में खनन के लिए उपयोग किए गए क्षेत्र को रिक्लेम कर पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया गया, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।
कलेक्टर ने कहा कि पर्यटन को रूरल इकोनॉमी से जोड़कर स्थानीय युवाओं और समुदाय के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। जिले में रेल एवं सड़क की बेहतर कनेक्टिविटी पर्यटन विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार है। उपलब्ध पर्यटन स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर स्थानीय संस्कृति, खान-पान, उत्पाद एवं जीवनशैली को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।
ईको-एथनिक और सस्टेनेबल टूरिज्म पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सेमिनार में राज्य स्तर से आए अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने ईको-एथनिक एवं सस्टेनेबल टूरिज्म तथा पर्यटन विकास की आधुनिक अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
*हरी झंडी दिखाकर दो दिवसीय पर्यटन यात्रा रवाना*
सेमिनार के पश्चात अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर दो दिवसीय पर्यटन यात्रा का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रतिभागी पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विशेषताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे तथा पर्यटन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को समझेंगे।
जिला प्रशासन की यह पहल सूरजपुर की पर्यटन क्षमता को नई पहचान देने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटन स्थलों के विकास, आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय युवाओं की भागीदारी से जिले में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
