बड़सरा में प्रधानमंत्री आवास की वरीयता सूची पर उठे गंभीर सवाल, दिव्यांग-विधवा और परित्यक्ता हितग्राही कथित तौर पर सूची से बाहर
मोहन प्रताप सिंह
छत्तीसगढ़ लाइव न्यूज़, सूरजपुर/:– गरीबों को पक्की छत देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना की वरीयता सूची को लेकर विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत बड़सरा में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रक्षेन्द्र प्रताप सिंह ने पंचायत स्तर पर तैयार की गई 26 हितग्राहियों की सूची में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि सूची में करीब पांच वर्ष पहले मृत हो चुकी महिला के नाम पर भी आवास स्वीकृत किया गया है। वहीं एक ही परिवार को पांच, दूसरे परिवार को तीन और कहीं पति को पहले आवास मिलने के बावजूद पत्नी के नाम पर दोबारा आवास स्वीकृति दिए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, योजना में जिन जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, उन्हीं की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार लोगों को कथित तौर पर वरीयता सूची से बाहर रखे जाने से पूरी चयन प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
जिसके नाम पर आवास, वह पांच साल पहले ही दुनिया छोड़ चुकी
शिकायतकर्ता रक्षेन्द्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि बड़सरा पंचायत की प्रधानमंत्री आवास योजना की वरीयता सूची में ऐसी महिला का नाम शामिल है, जिसकी मृत्यु करीब पांच वर्ष पहले हो चुकी है। यदि यह आरोप जांच में सही पाया जाता है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि मृत व्यक्ति के नाम पर सर्वे किस आधार पर हुआ और आवास स्वीकृति की प्रक्रिया में संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कैसे किया गया।
इतना ही नहीं, एक ही परिवार को पांच और दूसरे परिवार को तीन आवास मिलने के आरोप ने भी योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक मामले में पति को पहले ही आवास का लाभ मिल चुका है, इसके बावजूद पत्नी के नाम पर भी आवास स्वीकृत कर दिया गया।
दिव्यांगों के हिस्से में इंतजार, सूची में दूसरों का नाम
शिकायत के अनुसार बड़सरा में जिला दिव्यांग संघ के अध्यक्ष परमेश्वर यादव पिता बिशुन यादव, उमेश कुर्रे पिता जवाहिर कुर्रे, सुशील कुमार पिता बहाल, हरिश्चंद यादव पिता वंश गोपाल यादव, श्याम बाई पिता धर्मजीत और हिना पिता जोगिंदर सहित कई दिव्यांग हितग्राही अब तक प्रधानमंत्री आवास के लाभ से वंचित हैं।
वहीं इस वर्ष की सूची में अंगद विश्वकर्मा पिता रामजीत विश्वकर्मा और संजय कुमार पिता बिरजू के नाम दिव्यांग श्रेणी से शामिल किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पात्रता और प्राथमिकता तय करने का आधार आखिर क्या रहा?
विधवा महिलाओं की लंबी सूची, फिर भी वरीयता में जगह नहीं
बड़सरा पंचायत में कई विधवा महिलाओं के आवास से वंचित होने का दावा किया गया है। शिकायत में फूल कुमारी, कौशल्या, अनीता प्रजापति, धनेश्वरी, रुकमनिया, राजकुमारी, रजमतिया, मईया, मुन्नी बाई, सोनमती, संतोषी, सुखमनिया, सरोज, बच्ची बाई, शिवचरणी, जगमन बाई, पूर्व सरपंच प्रेम बाई, बसंती यादव, बिंदु, इंदु गोस्वामी, फूलमती यादव, सुनीता, ऊषा सिंह, रजवंती, देवकुमारी, सीमा पाण्डेय, बिरहुल, हीरोदिया बाई, भगमत और हुलासो सहित अन्य महिलाओं के नाम बताए गए हैं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक कैलाश्वती बेवा भागीरथी को आवास स्वीकृत किया गया है, लेकिन सूची में शामिल अन्य विधवा महिलाओं को वरीयता क्यों नहीं मिली, इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
परित्यक्ता और गंभीर बीमार भी कथित तौर पर बाहर
शिकायत में परित्यक्ता महिलाओं दुर्गावती कुर्रे पिता तिवारी और कलेसिया पिता रामा अगरिया को भी वरीयता सूची में स्थान नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। वहीं गंभीर रूप से बीमार बताए गए मकसूदन यादव पिता स्व. रामदास, रामकेश्वर साहू पिता रामजतन और अमलेश्वर पिता रूपचंद को भी सूची में शामिल नहीं किए जाने की बात कही गई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की वरीयता सूची तैयार करते समय जरूरतमंदों की वास्तविक स्थिति और निर्धारित प्राथमिकता का कितना पालन किया गया?
कलेक्टर के दरबार पहुंची शिकायत, जांच का आश्वासन
मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता रक्षेन्द्र प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत बस्कर के डालाबहरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रेना जमील से की। शिकायत पर कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
अब प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि बड़सरा की प्रधानमंत्री आवास योजना की वरीयता सूची में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मृत महिला के नाम पर आवास स्वीकृति, एक ही परिवार को कई आवास और वास्तविक जरूरतमंदों को कथित तौर पर वंचित किए जाने जैसे आरोपों की जांच यदि निष्पक्ष तरीके से होती है, तो सूची तैयार करने से लेकर आवास स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया की तस्वीर सामने आ सकती है।






